बड़ी खबर! भारत ने पहली बार ईरान का किया पुरजोर समर्थन , डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा झटका, सीधे अमेरिका की नाक पर...

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अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी जारी है। बुधवार को ईरान ने अमेरिका के 22 मिलिट्री बेस पर हमला किया। उसके बाद अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान पर बड़ा हमला करने की धमकी दी। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी की वजह से पिछले कई दिनों से होर्मुज स्ट्रेट बंद है। इसका दुनिया के कई देशों पर बड़ा असर पड़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट एक ऐसा रास्ता है जिससे दुनिया का 25 परसेंट फ्यूल ट्रांसपोर्ट होता है। इस बीच, अमेरिका ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को ट्रैफिक के लिए खोलने और कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा देने की दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसी बीच, एक बड़ी खबर सामने आ रही है, वो ये कि अब अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है, अगर ईरान के साथ बातचीत से होर्मुज स्ट्रेट मामले का हल नहीं निकलता है, तो अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में अलग-अलग देशों की जॉइंट फोर्स तैनात करने पर विचार कर रहा है।

इस बारे में 19 जून को फ्रांस में एक अहम मीटिंग होगी। अमेरिका और उसके दूसरे साथी देश भारत पर इस मिलिट्री ऑपरेशन में हिस्सा लेने का दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन भारत ने अमेरिका को साफ-साफ बता दिया है कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने सैनिक नहीं भेजेंगे। इसे अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। भारत ने साफ कर दिया है कि ऐसी समस्याओं को बातचीत से सुलझाना चाहिए। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच फ्रांस में एक मीटिंग होने जा रही है, इस मीटिंग में भारत होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपना पक्ष रखेगा।

यह मीटिंग होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर रखी गई है। फ्रांस ने इस मीटिंग में मिडिल ईस्ट के देशों कतर, मिस्र, सऊदी अरब, UAE को बुलाया है। अमेरिका के साथ भारत भी इस मीटिंग में हिस्सा लेगा। इस मीटिंग में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। लेकिन भारत पहले ही साफ कर चुका है कि हम अपने सैनिक नहीं भेजेंगे।