दोस्तो गर्मियां शुरु होते ही लोग अपने आप को हाइड्रेट बनाए रखने के लिए कई प्रकार के जूस पीते हैं, क्योंकि गर्म मौसम में ज़्यादा पसीना आने के कारण शरीर से बहुत सारा तरल पदार्थ निकल जाता है, जिससे डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का खतरा बढ़ सकता है। शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखने के लिए खीरा, तरबूज और पानी से भरपूर अन्य फलों जैसे हाइड्रेटिंग खाद्य पदार्थों को खाने की सलाह देते हैं। ऐसे में कई लोग शेक पीना पसंद करते हैं, ये पेय न केवल पेट को ठंडक देते हैं, बल्कि शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। लेकिन कुछ फलों के शेख नुकसान पहुंचाते हैं, आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

कीवी शेक
कीवी विटामिन C, एंजाइम और प्राकृतिक अम्लों से भरपूर फल है। जब इसे शेक बनाने के लिए दूध के साथ मिलाया जाता है, तो कीवी की अम्लीय प्रकृति दूध के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है और पाचन को बिगाड़ सकती है।
तरबूज मिल्कशेक
गर्मियों में खाने के लिए तरबूज सबसे अच्छे फलों में से एक है, क्योंकि इसमें पानी की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है। कुछ लोग "मोहब्बत का शरबत" जैसे पेय बनाते हैं, जिसमें दूध, रूह अफ़ज़ा सिरप और तरबूज के टुकड़े शामिल होते हैं। चूँकि दूध और तरबूज अलग-अलग गति से पचते हैं, इसलिए यह मेल पेट में किण्वन (fermentation) पैदा कर सकता है और पेट फूलने या अपच का कारण बन सकता है।
पपीता शेक

पपीते में "पैपेन" नामक एक एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है। जब पपीते को दूध के साथ मिलाया जाता है, तो यह एंजाइम दूध के प्रोटीन के साथ प्रतिक्रिया करता है और पाचन को बाधित कर सकता है।
स्ट्रॉबेरी और लीची शेक
स्ट्रॉबेरी मिल्कशेक आजकल बहुत लोकप्रिय हैं, खासकर गर्मियों में। हालाँकि, आयुर्वेद के अनुसार, स्ट्रॉबेरी को दूध के साथ मिलाने से पाचन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसी तरह, लीची मिल्कशेक से भी बचना चाहिए, क्योंकि यह मेल पेट खराब कर सकता है।






